आरोप है कि तीन माह पहले मोहल्ले में रहने वाली एक महिला उसके पास आई और उसकी बात उसके देहरादून में रहने वाले माता-पिता से कराई।
फोन पर माता-पिता ने उससे कहा कि उन्हें उसके रिश्ते से कोई नाराजगी नहीं है और एक बार उसके बेटे को देखने की उन्होंने इच्छा जताई।
उसने जब माता-पिता से देहरादून आने के लिए मना कर दिया तो उन्होंने 14 दिसंबर 2018 को उससे नजीबाबाद में मिलने की बात कही। साथ ही बेटे के नाम पर एफडी कराने के लिए कुछ कागजात भी उससे मंगाए।
उनकी बात पर भरोसा कर वह फोन पर बात कराने वाली महिला और उसके पति के साथ नजीबाबाद चली गई। नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पर उसे माता पिता के साथ दो अन्य रिश्तेदार मिले और उसे देहरादून ले गए।
आरोप है कि उन्होंने उसकी शादी का विरोध कर उसे कमरे में बंद किया और धर्म परिवर्तन कराने के लिए उसके बेटे के बाल भी काट दिए। जब उसने पति का साथ नहीं छोड़ने की बात कही तो उसे पीटा गया और उसकी हत्या की योजना बनाने लगे।
बताया कि उसके भाई ने इसकी जानकारी उसके पति को दी। इसके बाद देहरादून पहुंचे पति ने उसे माता-पिता के चंगुल से आजाद कराया। तहरीर पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।