खुफिया विभाग की टीम ने रुड़की के कलियर दरगाह क्षेत्र से एक अफगानिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया है। कलियर में तीन माह से उक्त नागरिक रह रहा था। खुफिया विभाग के अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं। विदेशी अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक एलआईयू व स्पेशल ब्रांच की टीम ने कलियर में चैकिंग के दौरान एक 33 वर्षीय अफगानिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने विदेशी अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। यह विदेशी नागरिक भारत की कई जगहों पर सात सालों से बिना पासपोर्ट के रह रहा था।
बुधवार को कलियर क्षेत्र में एलआईयू व स्पेशल ब्रांच की टीम ने प्रधानमंत्री के उत्तराखंड दौरे को लेकर कलियर में संदिग्धों की तलाशी की साथ ही चेकिंग अभियान चला रही थी। चेकिंग के दौरान टीम को सूचना मिली की दरगाह क्षेत्र के साबरी बाग में एक विदेशी नागरिक है। टीम ने साबरी बाग में पहुंचकर विदेशी नागरिक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम समीर उर्फ सेम निवासी गोवा बताया।
पासपोर्ट और कोई पहचान पत्र नहीं दिखा पाया
पासपोर्ट
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विदेशी नागरिक पासपोर्ट और कोई पहचान पत्र नहीं दिखा पाया। जिस कारण टीम युवक को थाने ले आई। कड़ाई से पूछताछ करने पर युवक ने अपना नाम कतीलशफा पुत्र अब्बास निवासी सुरख रोड जिला जलालाबाद राज्य निंगरहार अफगानिस्तान बताया।
एसबी प्रभारी भूपेंद्र सिह मेहता और एलआईयू प्रभारी प्रदीप नेगी ने बताया कि अफगानिस्तानी नागरिक ने पूछताछ में बताया कि वह पहली बार कलियर आया है। वह करीब तीन माह से दरगाह क्षेत्र में अपना नाम बदलकर रह रहा था और खुद को गोवा का रहने वाला नाम समीर बताता था। उसने बताया कि वह सात साल पहले भारत आया था।
उसने 2010 में साइप्रस देश में पंजाब के जालंधर निवासी एक युवती से शादी की थी। शादी करने बाद वह भारत आ गया। 2013-14 उसकी पत्नी से लड़ाई हो गई और वह बेटी को लेकर इटली चली गई। उसी अफगानिस्तानी नागरिक का वीजा समाप्त हो गया। उसके बाद वह पंजाब, गोवा, अजमेर व महारष्ट्र में रहा। भारत में आने से पहले वह बुल्गारिया, ग्रीस, साइप्रस व कई अन्य देशों में रहा है। उसे कई देशों की भाषा बोलनी आती है। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि अफगानिस्तानी नागरिक के खिलाफ विदेशी अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।