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लालच देकर धार्मिक स्थल में फिकवाया मांस और धमकी भरा पत्र, वजह जानकर नहीं होगा यकीन

Wed, 20 Jun 2018 04:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार
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Accused in police custody - फोटो : amar ujala
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कोतवाली पुलिस ने लकड़ीपड़ाव स्थित धार्मिक स्थल में मांस फिकवाने और एक संप्रदाय विशेष को धमकी भरा पत्र लिखने के आरोपी दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने यहां कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेजने के आदेश हुए हैं।        

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मंगलवार को यहां कोतवाली में मामले का खुलासा करते हुए एएसपी डा. हरीश वर्मा ने बताया कि 27 जुलाई, 2016 की रात लकड़ी पड़ाव स्थित एक धार्मिक स्थल में संदिग्ध मांस रखने और एक संप्रदाय विशेष को धमकी भरा पत्र छोड़ने के मामले में पुलिस अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी थी।

धमकी वाले पत्र के नीचे शुभम गुप्ता का नाम लिखा गया था। यहीं से छानबीन शुरू की गई। करीब दो साल लंबी चली जांच पड़ताल में धमकी भरे पत्र और मांस के विधि विज्ञान प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा गया।

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अंकुर बंसल का चल रहा है अपनी पत्नी से विवाद

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कई संदिग्ध व्यक्तियों के हस्तलेख मिलान किए गए। इसमें नौशाद पुत्र शहजादा निवासी आमपड़ाव निकट प्रजापति मंदिर कोटद्वार पकड़ में आया।

उससे हुई पूछताछ में इस पूरे घटनाक्रम के पीछे अंकुर बंसल पुत्र स्व. रमेश बंसल निवासी पटेल नगर कोटद्वार का नाम सामने आया। दोनों को सोमवार शाम को एसएसआई राकेंद्र कठैत की अगुवाई में कांस्टेबल रवींद्र प्रसाद और मधूसूदन ने उनके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।       

एएसपी डा. हरीश वर्मा और कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल ने बताया कि अंकुर बंसल का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा है। उसने अपने ससुराल वालों को फंसाने और साले शुभम गुप्ता से बदला लेने के लिए यह योजना बनाई थी। इसमें उसने नौशाद को लालच देकर धार्मिक स्थल में मांस और धमकी भरा पत्र रखवाया था। पत्र नौशाद से लिखवाया गया था, जिसकी पुष्टि पुलिस ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला में हस्तलेख विशेषज्ञों से करवाई गई। 
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