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आईएमए से मिली प्रेरणा, पूरा हुआ बचपन का सपना, सेना में अफसर बना रोहित

Wed, 18 Sep 2019 03:43 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • मूलरूप से पौड़ी के पैडुल गांव निवासी रावत परिवार का बेटा सेना में
  • डीएवी एनसीसी में रह चुके हैं अंडर ऑफिसर, बचपन से था सेना में जाने का सपना
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सेना में अफसर बने रोहित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बचपन में स्कूल की ओर से भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पीओपी देखने का मौका मिला था। यह मौका ही रोहित रावत के लिए अफसर बनने की प्रेरणा बन गया और अब ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) चेन्नई से पासआउट होकर सेना में अफसर बन गए हैं।

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रोहित रावत मूलरूप से पौड़ी के पैडुल गांव और देहरादून में शमशेरगढ़ के निवासी हैं। उनके पिता सोहन सिंह रावत सचिवालय से रिटायर्ड हैं जबकि मां आशा रावत गृहिणी हैं। रोहित ने ग्लेशियर पब्लिक स्कूल से 10वीं, एसजीआरआर बालावाला से 12वीं पास की। वर्ष 2016 में डीएवी पीजी कॉलेज से बीएससी की।
 

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कॉलेज में एनसीसी के अंडर ऑफिसर भी रहे

बीएससी के दौरान वह कॉलेज में एनसीसी के अंडर ऑफिसर रहे। इसके बाद उन्होंने एसएसबी की तैयारी की और उनका चयन ओटीए चेन्नई में हो गया। ओटीए से 11 महीने की ट्रेनिंग लेने के बाद वह पासआउट हो गए हैं।

लेफ्टिनेंट रोहित ने बताया कि बचपन में वह स्कूल की ओर से आईएमए में पीओपी देखने गए थे। वहीं से सेना में अफसर बनने की प्रेरणा मिली। हालांकि उन्हें इस बात का रंज भी वह है कि वह आईएमए में सेलेक्ट नहीं हो पाए।
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