संवासिनियों के शोषण मामले में भाजपा विधायक विजया बड़थ्वाल की अध्यक्षता वाली समिति ने बुधवार को नारी निकेतन का निरीक्षण किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने कांग्रेस की समिति के निरीक्षण के बाद अपनी समिति गठित की है।
भाजपा की समिति के मुताबिक संवासिनियों को मुंह नहीं खोलने की हिदायत दी गई है, जिससे वह डरी, सहमी और भयभीत लग रही थी। भाजपा इस मामले में राज्यपाल और राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
नारी निकेतन में सुबह 12 बजे भाजपा विधायक विजय बड़थ्वाल, पूर्व विधायक आशा नौटियाल व महिला आयोग की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुशीला बलूनी प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद नारी निकेतन पहुंची।
सरकार पर लगाया लीपापोती का आरोप
विजया बड़थ्वाल ने बताया कि संवासिनियां के चेहरे पर दिखे खौफ से साफ हो रहा था कि कुछ छिपाने व लीपापोती करने में सरकार तुली हुई है। सरकार ने मामले को तूल पकड़ता देख खानापूर्ति के लिए नारी निकेतन की दो महिला कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।
इससे स्पष्ट होता है कि नारी निकेतन में संवासिनियों के शोषण के आरोप सही हैं। इस प्रकरण में प्रभावशाली लोग संलिप्त हैं, जिन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से करवाई जाने की जरूरत है। बड़थ्वाल ने कहा कि इस मामले पर जल्द ही पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल राज्यपाल और राष्ट्रीय महिला आयोग से मुलाकात करेगा।