अध्यापिकाओं ने भोजनमाता पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया तो भोजनमाता ने उसे फंसाने का आरोप लगा दिया। इसी बीच पार्षद रवि वाल्मीकि पहुंच गए और भोजन में कीड़े निकलने की शिकायत पर प्रधानाध्यापिका से भोजनमाता के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान स्कूल में मौजूद अभिभावक वेदप्रकाश की भी भोजनमाता से कहासुनी हुई। करीब दो घंटे तक इस मामले को लेकर स्कूल में हंगामा होता रहा। बाद में प्रधानाध्यापिका ऊषा किरन मिश्रा ने बताया कि इस मामले की सूचना शिक्षा अधिकारियों को दी।
तो क्या सस्ते गल्ले की दुकान से आया खराब चावल
स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने बताया कि मध्याह्न भोजन के लिए आवंटित चावल 16 जुलाई को ही नवाबी रोड स्थित हरीश तिवारी की सस्ते गल्ले की दुकान से आया है। चावल में अगर कीड़े थे इसकी भोजनमाता ने उन्हें आज तक कोई जानकारी नहीं दी गई।
मध्याह्न भोजन में कीड़े निकलने के मामले की जानकारी मिली है। भोजनमाता ने चावल पकाने से पहले ठीक से साफ क्यों नहीं किए। इस प्रकरण की खंड शिक्षा अधिकारी हल्द्वानी को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
- गोपाल स्वरूप भारद्वाज, डीओई (बेसिक), नैनीताल