उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा के नियुक्ति प्रकरण पर अपर सचिव आयुष को जांच सौंपी गई है। राजभवन ने कुलसचिव पद पर मिश्रा की नियुक्ति को नियमों के विपरीत बताते हुए सीएम हरीश रावत को जांच के लिए पत्र लिखा था।
सीएम के आदेश पर बुधवार को प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओम प्रकाश ने अपर सचिव आयुष जीबी औली से प्रकरण के संबंध में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। इसके अलावा कुलसचिव को अन्यत्र स्थानांतरित करने का आदेश विचाराधीन है।
यह है नियम
उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के कुलसचिव मृत्युंजय कुमार मिश्रा की नियुक्ति की जांच को लेकर राजभवन से लिखे आधा दर्जन पत्रों के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय हरकत में आया है। सचिव मुख्यमंत्री ने सीएम हरीश रावत के आदेश पर मिश्रा को तुरंत कुलसचिव के पद से अन्यत्र स्थानांतरित करने के लिए प्रमुख सचिव आयुष विभाग को पत्र भेजा था।
सीएम ने मामले की जांच के लिए भी आदेश दिए हैं कि आखिर मिश्रा की तैनाती किस आधार पर की गई है। राजभवन से लिखे पत्रों के अनुसार आयुर्वेदिक विवि में वर्ष 2013 में मृत्युंजय मिश्रा को जब नियुक्ति दी गई तब विवि के मूल अधिनियम 2009 में प्रावधान था कि कुलसचिव विवि का पूर्णकालिक अधिकारी हो।
नियमों में कर दिया संशोधन
इसके अलावा राज्य सरकार, अखिल भारतीय सेवाओं, राज्य आयुर्वेदिक शिक्षा सेवाओं में वरिष्ठ वेतनमान, प्रांतीय सिविल सेवा के चयन श्रेणी के अधिकारी को विवि को कुलसचिव नियुक्त कर सकता है। राजभवन के अनुसार मृत्युंजय मिश्रा कुलसचिव की आर्हता नहीं रखते थे, इसके बावजूद उनकी प्रतिनियुक्ति कर दी गई। इसके बाद उनकी नियुक्ति वैद्य ठहराने के लिए उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम की धारा 16 में संशोधन किया गया। अब अपर सचिव जीबी औली कुलसचिव की तैनाती के आदेशों का परीक्षण करेंगे।
इनका है कहना
आयुर्वेदिक विवि के कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा की नियुक्ति संबंधित प्रकरण को लेकर अपर सचिव आयुष को रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं।
-ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव आयुष