नोटबंदी के बाद से जमीन की खरीद-फरोख्त के ऐसे मामले जिनका मूल्य 50 लाख रुपये से अधिक है, उनकी जांच कराई जाएगी। यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया कि जांच के दायरे में कुल 108 मामले आ रहे हैं, जिनमें से 72 मामले केवल देहरादून के हैं।
सत्ता के करीबियों की मानें तो इस कवायद के पीछे भाजपा के कुछ विधायकों और पदाधिकारियों पर शिकंजा कसना वजह है। साथ ही यह भी साबित करने की कोशिश की जाएगी कि नोटबंदी की खबरें लीक हुई थी।
गौरतलब है कि भाजपा के एक विधायक द्वारा नोटबंदी के एलान के तुरंत बाद डेढ़ करोड़ रुपये का सोना खरीदने का मामला सामने आया है। आम आदमी पार्टी की शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह में पूरे मामले की जांच करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।