राजधानी देहरादून में बिना नक्शा पास कराए और बिना योजना के बनाए गए इमारतों की अब जांच होगी।
चार सदस्यीय समिति का गठन
आवासीय भवनों व ग्रुप हाउसिंग में बरती गई इस तरह की अनियमितताओं की जांच के लिए शासन ने एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि प्रदेश के मैदानी इलाकों में अनप्लांड डेवलेपमेंट को रोकना होगा।
उनका कहना है कि संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कीम लाएं जिन्हें माफी दी जा सकती है। कंपाउंड स्कीम के तहत उन्हें राहत दें।
सचिव आवास डी. एस. गर्ब्याल ने बताया कि मसूरी, देहरादून और हरिद्वार के अंतर्गत पांच वर्षों में निर्मित/निर्माणाधीन शापिंग माल एवं बहुमंजिले आवासीय भवन/ग्रुप हाउसिंग में बायलॉज के अनुसार निर्माण कार्य नहीं किया गया है।
प्राधिकरणों द्वारा इन निर्माणों के जो मानचित्र स्वीकृ त किए गए हैं, उनके अनुसार इन निर्माणों में पार्किंग एवं निर्बल व्यक्तियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इनमें बरती गई अनियमितताओं की जांच के लिए शासन ने समिति का गठन किया है।
चार सदस्यीय है समिति
समिति में उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता नत्था सिंह रावत, शहरी विकास निदेशालय के अधिशासी अभियंता रवि पांडेय तथा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग देहरादून के सहायक नगर नियोजक शशि मोहन श्रीवास्तव तथा शालू थिंड सदस्य होंगे।
यह समिति 15 सितंबर तक ऐसे निर्माणों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सचिव आवास को उपलब्ध कराएगी।