कंप्यूटर खरीद में गड़बड़ी प्रकरण में उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने जांच कमेटी गठित कर दी है।
इसके साथ ही आदेश दिए हैं कि हरीश रावत सरकार और मौजूदा सरकार में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के मद से जितनी भी खरीदारी हुई है उसका पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने पर किसके खिलाफ, क्या करना है? इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बुधवार को उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कालेज के सभागार में उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने रूसा के अधिकारियों के साथ गोपनीय बैठक की। उन्होंने कंप्यूटर, किताबों और दूसरे उपकरणों की खरीदारी के संबंध में कालेजों और विश्वविद्यालयों के अधिकारियों से जानकारी ली। कालेजों और विश्वविद्यालयों के प्रबंधन की हालत देखकर मंत्री ने सबकी बखिया उधेड़नी शुरू कर दी। बैठक ढाई-तीन घंटे चली, लेकिन अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह पौन घंटे में ही बैठक से चले गए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि सारे सचिवों, निदेशकों और रूसा के अधिकारियों को आदेश कर दिए गए हैं कि एक-एक महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में जाएं पिछली सरकार और इस सरकार में किस-किस चीज की खरीदारी हुई है, पता करें। इसकी रिपोर्ट बनाकर दें। उन्होंने कहा कि सारी स्थिति का जायजा लेने के बाद कार्रवाई के संबंध में शासन निर्णय लेगा। अगर किसी गलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। बैठक में महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के भवनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
अगले साल तक भरेंगे कुलपति के रिक्त पद
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि कुलपतियों के जितने पद रिक्त हैं, उन्हें अगले साल भर दिया जाएगा। आवेदन आने शुरू हो गए हैं, एक पद के लिए 70 से डेढ़ सौ के बीच आवेदन आए हैं। इसके साथ ही जो भवन बनकर तैयार हो गए हैं उनका लोकार्पण किया जाएगा।