सूखीढांग के पास हुए इनोवा कार हादसे में एसडीएम दयानंद सरस्वती और सीओ विपिन चंद्र पंत के अलावा चल्थी चौकी इंचार्ज हरीश कुमार, अग्निशमन अधिकारी वंशनारायण यादव के नेतृत्व
में पुलिस, अग्निशमन विभाग और एसडीआरएफ के जवानों ने घायलों को रेस्क्यू करने में खासी तत्परता दिखाई, जबकि कोतवाल धीरेंद्र कुमार घायलों के पहुंचने से पहले ही संयुक्त चिकित्सालय में फोर्स के साथ मुस्तैद रहे।
घायलों को बचाने में जी-जान से जुटी रही डॉक्टरों की टीम
सूखीढांग इनोवा कार हादसे का पता चलते ही डॉक्टरों की टीम ने भी खासी तत्परता दिखाई। एसीएमओ डॉ. एचएस हयांकी के नेतृत्व में जहां डॉक्टरों की टीम ने घटनास्थल पर पहुंच प्राथमिक उपचार कर घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, वहीं अस्पताल में घायलों के उपचार के लिए पहले से तैयार चिकित्साधिकारी डॉ. घनश्याम तिवारी, डॉ. हेमंत शर्मा, डॉ. आफताब अंसारी, डॉ. मो. उमर, डॉ. रोहित ग्रोवर, डॉ. गौरव शर्मा और स्टॉफ नर्सों से पूरी निष्ठा के साथ घायलों का उपचार किया, लेकिन अस्पताल में सबसे पहले पहुंचाए गए गंभीर से घायल सूरज सिंह मलसूनी को डॉक्टरों की टीम बचा नहीं पाई जबकि दो घायलों को मरमह पट्टी और जरूरी उपचार कर राहत पहुंचाई।
बाजपुर में सुबह गडरी नदी पुल के पास छोटा हाथी और बाइक की भिड़ंत हो गई। हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई। जबकि मृतक का जीजा गंभीर रूप से घायल हो गया है। शुक्रवार को गांव शिवपुरी निवासी सतपाल सिंह अपने जीजा के साथ बाजार से घर वापस लौट रहा था।
उस दौरान उसकी बाइक को बेरिया दौलत रोड गडरी नदी पुल के पास छोटा हाथी ने टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार सतपाल सिंह और अजमेर सिंह सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे लोगों ने घायलो को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान सतपाल सिंह ने दम तोड़ दिया। जबकि अजमेर सिंह की हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ से मजदूरों को लेकर बिहार जा रही एक बस सड़क पर पलट गई है। हादसा कंडीसौड़ कोटीगाड़ के पास हुआ। बस में 22 मजदूर सवार थे। हादसे में तीन लोग घायल हो गए हैं।
दुर्घटना का कारण का ब्रेक पाइप फटना बताया जा रहा है। फिलहाल मजदूर वापस चिन्यालीसौड़ लौट गए हैं। बताया जा रहा है मजदूरों ने बिहार जाने के लिए खुद ही बस बुक कराई थी।