स्वीत गांव में खेत में मिले गुलदार ने शुक्रवार देर रात दम तोड़ दिया। गुलदार की पीठ पर गहरा घाव बना था, जिस पर कीड़े पड़ गए थे। शिकार की तलाश में वह तार से बने फंदे में फंस गया। भूख व बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई।
शुक्रवार शाम लोगों ने गांव के समीप खेतों में एक गुलदार को देखा था। गुलदार एक ही स्थान पर हिल डुल रहा था। वन विभाग ने रात में उसे ट्रेंक्यूलाइज गन से बेहोश कर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब पता चला कि वह जंगली जानवरों को फंसाने वाले फंदे में बुरी तरह फंसा हुआ है।
किसी तरह से तार काटकर उसे मुक्त किया गया। गुलदार की पीठ पर गहरा घाव भी था। बेहोश गुलदार को रात में पशु चिकित्सालय श्रीकोट लाया गया, जहां पशु चिकित्सक डा. रजनीश पांडे की टीम ने उसका उपचार किया। गुलदार के घाव में कीड़े पड़ गए थे।
डा. पांडे ने बताया कि गुलदार की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एंटीबायोटिक देने और घाव को साफ करने के बाद रात लगभग ढाई बजे रेफर कर दिया गया था। वन क्षेत्राधिकारी आशीष डिमरी ने बताया कि गुलदार ने पौड़ी ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। मृत गुलदार की उम्र लगभग 8 साल थी।