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अब नहीं अटकेगी पेंशन और छात्रवृत्ति, समाज कल्याण विभाग खुद संभालेगा आईटी सेल 

Thu, 08 Jun 2017 02:52 PM IST
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून
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समाज कल्याण विभाग की ओर से दी जाने वाली पेंशन और छात्रवृत्ति में अब देरी नहीं होगी। आईटी सेल की जिम्मेदारी विभाग अब खुद संभालेगा। एनआईसी पर काम का बोझ होने की वजह से पेंशन और छात्रवृत्ति के मामले अटकने और छात्रवृत्ति के 1.13 अरब रुपया सरकार की ओर से सरेंडर  करने के बाद यह फैसला लिया गया है।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से पेंशन और छात्रवृत्ति योजनाएं ऑनलाइन कर दी गई है। विभाग की ओर से योजनाओं के बिल बनाकर एनआईसी को भेजे जाते हैं। वहां से बिल ट्रेजरी जाकर पास होते हैं। इसके बाद संबंधित व्यक्ति या छात्र के खाते में पैसे आते हैं। एनआईसी पर काम का ज्यादा बोझ होने के कारण दोनों योजनाओं का काम अटक जाता है।

हाल ही में आईटी सेल का सॉफ्टवेयर लॉक होने की वजह से विभाग को केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाला एक अरब 13 करोड़ छात्रवृत्ति का रुपया सरेंडर करना पड़ा, जिस पर मुख्यमंत्री ने भी बेहद नाराजगी जताई। इसके बाद अब एनआईसी से यह जिम्मेदारी सीधे विभाग को सौंपी जा रही है। इसके बाद जो भी तकनीकी खराबी होगी, विभाग अपने स्तर से तुरंत सही कराएगा। विभाग पहले की तरह एनआईसी पर अपनी जिम्मेदारी भी नहीं डाल पाएंगे। नई व्यवस्था लागू होने से पेंशनधारकों और छात्रों को सहूलियत होगी। 
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ये था मामला
जिले के कक्षा एक से दसवीं तक के स्कूलों की ओर से छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए। वर्ष 14-15 और 15-16 की छात्रवृत्ति का अपडेट वेबसाइट पर नहीं लिया गया। जब भी जिलों से सवाल किए गए तो आईटी सेल की ओर से सॉफ्टवेयर लॉक होने की बात कही गई। इसके लिए एनआईसी को भी सूचित नहीं किया गया। आखिरकार समयावधि पूरी होने पर केंद्र और राज्य सरकार को करीब पचास हजार छात्रों की छात्रवृत्ति का एक अरब 13 करोड़ रुपया सरेंडर करना पड़ा। 

समाज कल्याण विभाग को आईटी सेल की जिम्मेदारी दी जा रही है। दस दिनों में यह पूरी तरह से विभाग को हैंडओवर हो जाएगी। इसके बाद पेंशन, छात्रवृत्ति की पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। यदि सॉफ्टवेयर में किसी तरह की तकनीकी दिक्कत होती है तो उसे देख तुरंत सही करा लिया जाएगा। 
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- अनुराग शंखधर, प्रभारी, आईटी सेल और जिला समाज कल्याण अधिकारी
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