विजिलेंस की सूचना देने से इनकार करने के मामले में राज्य सूचना आयोग ने प्रमुख सचिव, सुराज, भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा (सतर्कता) को व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत होकर विभागीय पक्ष रखने को कहा है। आयोग ने ये आदेश अपीलकर्ता की गुहार पर जारी किए हैं। अपील की अगली सुनवाई आठ अगस्त को रखी गई है।
अपीलकर्ता चंद्रशेखर करगेती ने 22 जनवरी 2017 को सुराज, भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा (सतर्कता) के लोक सूचना अधिकारी से छह बिंदुओं पर सूचना मांगी थी, लेकिन विभाग ने सूचना देने से यह कहकर इनकार कर दिया कि विजिलेंस विभाग सूचना का अधिकार अधिनियम के दायरे में नहीं आता।
इस संबंध में प्रमुख सचिव द्वारा जारी एक शासनादेश का हवाला दिया गया। बाद में आवेदक की अपील पर राज्य सूचना आयोग ने लोक सूचना अधिकारी को सूचना देने के आदेश दिए थे।