उद्योगों के लिए सरकार ने नक्शा पास कराने की प्रक्रिया आसान कर दी है। सरलीकरण के तहत अब महायोजना के तहत आने वाले इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं होगी। आवास विभाग ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है।
शासनादेश के मुताबिक, ऐसे उद्योगपतियों को आर्किटेक्ट से तैयार मानचित्र, स्ट्रक्चरल ड्राइंग, स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट, भूखंड का फोटोग्राफ, पहुंच मार्ग का फोटोग्राफ, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र, भू-उपयोग प्रमाण पत्र, आवेदक, वास्तुविद एवं स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग का घोषणा पत्र, आवेदक का नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र जमा कराना होगा।
मानकों के हिसाब से करने की जिम्मेदारी आवेदनकर्ता की होगी
इसके साथ ही ऑनलाइन शुल्क जमा कराना होगा। लेबर सेस की राशि श्रम विभाग में जमा कर रसीद प्रस्तुत करनी होगी। आवेदन पत्र जमा होने के सात दिन के भीतर अधिकारियों को मानचित्रों, दस्तावेजों और शुल्कों का मिलान करना होगा। स्व: प्रमाणन के अंतर्गत किए जाने वाले निर्माण कार्यों को मानकों के हिसाब से करने की जिम्मेदारी आवेदनकर्ता की होगी।
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स्व: प्रमाणन प्रक्रिया के तहत केवल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि में वर्णित लो एंड मीडियम रिस्क प्रकार के भवनों का ही आवेदन किया जा सकता है। इसके तहत केवल ग्रीन और व्हाइट पॉल्यूशन प्रकार के भवनों का आवेदन किया जा सकेगा। औद्योगिक इकाई के भवनों की ऊंचाई 12मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। अपर मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया।