नेपाल और भारत सरकार की सहमति पर दूसरे दिन भी जौलजीबी और धारचूला के झूलापुल छह घंटे के लिए खोले गए। जौलजीबी पुल से 279 और धारचूला झूलापुल से 610 लोगों ने आवाजाही की। पुल खुलने के बाद 87 पेंशनरों ने भारत आकर बैंक से 52 लाख रुपये निकाले।
नेपाल से आए इन पेंशनरों ने कहा कि दोनों देशों के रोटी बेटी के संबंधों को देखते हुए भारत-नेपाल की सरकारों को पहले की भांति पुल खोलने की कार्रवाई करने चाहिए। झूलापुल खोलने पर सभी पेंशनरों ने दोनों देशों की सरकारों का आभार जताया।
एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि दोनों देशों के गृह मंत्रालय की सहमति के बाद जौलजीबी और धारचूला झूलापुल को खोलने निर्देश मिले थे। झूलापुल खुलने के बाद 889 लोगों ने दोनों देश में आवाजाही की।
एसबीआई धारचूला शाखा के प्रबंधक हरिमोहन गर्ब्याल ने बताया कि धारचूला से 12 लाख और जौलजीबी शाखा से 40 लाख रुपये की धनराशि पेंशनरों ने निकाली। जौलजीबी शाखा प्रबंधक धीरज कुमार ने दोनों ने बताया कि नेपाल से आने वाले पेंशनरों की सुविधा की उचित व्यवस्था की गई थी।