आईटी के क्षेत्र में देहरादून की इंदिरा नेगी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी ‘स्मार्ट इयर बड’ (इयर फोन) के आविष्कार के लिए सम्मान दिया है।
इनटेल के सीईओ ने दिया सम्मान
इंदिरा के बनाए एयरफोन को जॉगिंग या मॉर्निंग वॉक के दौरान पहनने पर न केवल बेहतर साउंड क्वालिटी बल्कि हार्ट और प्लस रेट, एक्सरसाइज में खर्च हुई क्लोरीज और कवर हुई दूरी को स्मार्ट फोन की स्क्रीन पर देखा जा सकता है।
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6 जनवरी को लास वेगास (अमरिका) में आयोजित सीईएस इंटरनेशनल 2014 में इंदिरा को इनटेल के सीईओ ने यह सम्मान प्रदान किया।
देहरादून की रहने वाली इंदिरा नेगी के पिता अमिताभ नेगी सेना से कर्नल रैंक से रिटायर हुए हैं, जबकि मां साइंस टीचर हैं। सैनिक कल्याण निदेशालय में बतौर उपनिदेशक तैनात कर्नल नेगी ने बताया कि इंदिरा इनटेल कार्पोरेशन में कार्यरत है।
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बेटी को मिले सम्मान से गौरवांवित महसूस कर रहे कर्नल नेगी ने बताया कि इंदिरा की स्कूल शिक्षा देहरादून में ब्राइटलैंड स्कूल से हुई है। उसके बाद उसने गांधीनगर गुजरात से अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर स्नातकोत्तर शिक्षा अमेरिका के एरिजोना से की है।
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इंदिरा ने जो गेजेट बनाया है उसके कई फायदे हैं जिसमें बायोमेट्रिक डाटा से इयर बड को वर्कआउट के दौरान हार्ट बिट से जोड़कर म्यूजिक स्लो या फास्ट म्यूजिक ट्रेक स्वत संचालित हो सकते हैं। कर्नल नेगी ने बताया कि इंदिरा जल्द देहरादून घर लौट रही है।
पांच सौ लोगों ने भरे संकल्प पत्र
अमर उजाला की अनूठी पहल बेटी ही बचाएगी अभियान के तहत बुधवार को पांच सौ लोगों ने संकल्प पत्र भरे। महात्मा गांधी बस्ती के राजकीय जूनियर हाई स्कूल में निशुल्क चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर के दौरान संकल्प पत्र भरे गए।
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इस मौके पर बड़े-बूढ़ों, महिलाओं और युवाओं ने संकल्प लिया कि वे बेटियों को बेटों के बराबर ही मानेंगे। उन्हें आगे बढ़ाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। बेटियों के आगे बढ़ने से ही समाज में बदलाव आएगा। गाढ़े वक्त में और उलट परिस्थितियों में बेटी ही बचाएगी।