कड़े प्रशिक्षण में खरा उतरने के बाद अब जांबाज कैडेट्स 13 जून को अंतिम पग भरेंगे। इसके साथ वह भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगे। परेड में सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे बतौर रिव्यूइंग ऑफिसर भाग लेंगे।
इस बार 333 भारतीय और 90 विदेशी कैडेट आईएमए से प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना और विदेशी कैडेट अपने देशों की कमान संभालने को तैयार होंगे। ऐसा पहली बार होगा जब कैडेट बिना अपने माता-पिता और रिश्तेदारों के बगैर अंतिम पग भरेंगे। परेड भी कैडेट मुंह पर मास्क पहनकर करेंगे।
पीपिंग में निभाई जाएगी गुरु शिष्य परंपरा
कोरोना महामारी की वजह से इस बार पीओपी में माता-पिता को नहीं बुलाया जाएगा। परेड के बाद होने वाले पीपिंग सेरेमनी में माता-पिता ही कैडेट्स के कंधों पर सितारे सजाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। इस बार गुरु शिष्य परंपरा के अनुसार प्रशिक्षक कैडेट के कंधों पर सितारे सजाएंगे।