देश के 306 भावी सैन्य अफसर देश की सरहद की निगहबानी के लिए तैयार हैं। आईएमए में बृहस्पतिवार को जब इन कैडेटों ने कदमताल किया तो उनके कदमों की ध्वनि व दस्ते की आकृतियां देख हर कोई प्रभावित हुआ।
इस दौरान हर किसी ने इन जांबाज अफसरों की काबिलियत को सलाम किया। कैडेट्स की परेड का निरीक्षण कमान्डेंट लेफ्टि. जनरल एसके झा ने किया और उनकी सलामी ली। परेड के दौरान सैकड़ों दर्शकों ने कैडेट्स का तालियां बजाकर स्वागत किया।
चेटवुड भवन के ड्रिल स्क्वायर में आयोजित रेगुलर, टेक्निकल कोर्स और स्पेशल एंट्री सहित मित्र राष्ट्रों के कैडेट्स ने कमान्डेंट परेड में हिस्सा लिया। कमान्डेंट ले. जनरल एसके झा ने कैडेट्स से भारतीय सेना की उच्च परंपरा को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कैडेट्स भारतीय सेना के मूल्यों एवं आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर मिसाल पेश करें।
अफसर बनने के साथ ही उनके ऊपर कई अहम जिम्मेदारियां भी आएंगी। उन्हें एक लीडर के रूप में भी खुद को साबित करना होगा। अपने सैनिकों को साथ लेकर चलना सबसे अहम है। इससे पहले एसके झा ने परेड का निरीक्षण कर तैयारियों को संतोषजनक बताया। परेड में स्कूल के छात्र-छात्राओं, कैडेट्स व जवानों के परिवार के सदस्य समेत सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया।
पासिंग ऑउट परेड सात को
कड़े प्रशिक्षण में खरा उतरने के बाद अब जांबाज कैडेट्स की सात दिसंबर को पासिंग ऑउट परेड होगी। इसके बाद वे भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगे और अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। परेड में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे और कैडेट्स की सलामी लेंगे।