भारतीय वन्यजीव संस्थान के विज्ञानियों ने साल 2006 में एक रिपोर्ट तैयार की थी, जिसके अनुसार जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पार्क में 8.5 वर्ग किमी में एक बाघ रहता है। जो बाघ घनत्व के मामले में पूरे देश में सबसे अधिक है। अब बाघों की संख्या के हिसाब से देखें तो प्रति बाघ 5.27 वर्ग किमी ही क्षेत्र मिल पा रहा है। यानी प्रति 100 वर्ग किमी में 19 बाघ।
नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी (एनटीसीए) के आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक में सबसे अधिक 408 बाघ हैं। बाघों की संख्या के मामले में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर है। यहां कुल 340 बाघ चिन्हित किए गए हैं।
इसके अलावा मध्य प्रदेश में 308, तमिलनाडु में 229, महाराष्ट्र में 190, केरल में 136, उत्तर प्रदेश में 117, आंध्र प्रदेश में 68, अरुणाचल प्रदेश में 28, असम में 167, पश्चिम बंगाल में 79 बाघ चिन्हित किए गए हैं। ऐसे में पूरे देश में बाघों की संख्या 2226 है।
पिछले एक दशक में जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पार्क में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जो अच्छी बात है। जनसंख्या घनत्व के मामले में जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने देश के सभी 25 टाइगर रिजर्व पार्कों को पीछे छोड़ा है, लेकिन साथ ही बाघों की संख्या बढ़ने व क्षेत्रफल घटने से कुछ समस्याएं भी हो रही है।
- राहुल, निदेशक, जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व