फर्जी आईएएस अफसर मामले में अब भारतीय किसान यूनियन पुलिस, प्रशासन और आईएएस अकादमी अधिकारियों से वे अनसुलझे सवाल पूछ सकती है, जिनके जवाब देने से ये सब अब तक कतराते रहे हैं।
अकादमी में फर्जी आईएएस बनकर रही रूबी चौधरी के परिजनों ने यूनियन पदाधिकारियों से संपर्क किया है। बेटी के उत्पीड़न की बात कहकर मामले में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप भी लगाया गया है।
मुजफ्फरनगर के कुटबी गांव की रहने वाली रूबी चौधरी के परिजन मामले के खुलासे के बाद पहले तो सकते में आ गए थे। लेकिन, अब वे खुलकर बेटी को बचाने की कोशिश में जुट गए हैं।
दो दिन पूर्व मसूरी में रूबी की पेशी के दौरान परिजनों ने उसका खुलकर साथ दिया था। मामा अजयपाल और पिता सतवीर सिंह चौधरी का सीधा आरोप था कि रूबी को झूठा फंसाया जा रहा है। अब रूबी के परिजन भारतीय किसान यूनियन की शरण में हैं।
बताया जा रहा है कि रूबी के पिता और अन्य परिजनों ने हाल में यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत (पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह टिकैत का बेटा) से मुलाकात की है। बताया है कि पुलिस ने रूबी की ओर से आरोपी उपनिदेशक सौरभ जैन के खिलाफ अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
परिजनों ने यह भी कहा है कि पुलिस रूबी का उत्पीड़न कर रही है, जबकि अकादमी अधिकारियों से पूछताछ की जरूरत तक महसूस नहीं की गई है। यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुलाकात की पुष्टि की है, लेकिन बताया कि यूनियन ने रूबी के परिजनों को अभी मैदान में उतरने का वादा नहीं किया है।
उनका कहना है कि अभी यूनियन इस मामले की अपने स्तर पर जांच करेगी। हर पहलू को अच्छी तरह समझने, जानने के बाद ही यूनियन इस मामले में कदम बढ़ाएगी।
बालियान खाप का मिलेगा लाभ
सूत्र बताते हैं कि रूबी चौधरी का गांव कुटबी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उस 84 बालियान खाप से जुड़ा है, जिससे भारतीय किसान यूनियन के नेता महेंद्र सिंह टिकैत आते थे। माना जा रहा है कि टिकैत हमेशा किसानों और खाप की रक्षा के पक्षधर रहे थे।
ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि देर सवेर उनके बेटों द्वारा चलाई जा रही भारतीय किसान यूनियन रूबी के पक्ष में बड़ा आंदोलन कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में टिकैत बंधुओं पर खाप का भी दबाव बन रहा है।
पहले झुका चुके पुलिस को
वर्ष 2009 में रणबीर एनकाउंटर प्रकरण में भी भारतीय किसान यूनियन ने पुलिस को झुका दिया था। तब रणबीर के फर्जी मुठभेड़ में मारे जाने के खुलासे के बाद यूनियन अध्यक्ष महेंद्र सिंह टिकैत सड़क पर उतर गए थे। हजारों प्रदर्शनकारियों संग टिकैत के विरोध के बाद सरकार झुकी थी और जांच सीबीआई को सौंपी गई। इस मामले के सभी आरोपी पुलिसकर्मी अभी सजा भुगत रहे हैं।
नहीं मिला रूबी का लैपटॉप
पुलिस रिमांड पर ली गई रूबी चौधरी से बुधवार को दूसरे दिन भी लैपटॉप बरामद नहीं हो सका है। पुलिस ने रिमांड के लिए दी अर्जी में लैपटॉप बरामदगी को प्रमुख कारण बताया था।
पुलिस ने मंगलवार को मेरठ में कई दुकानों पर जाकर पूछताछ की, लेकिन पता नहीं चला। उधर, नैनीताल अकादमी और होटल के सत्यापन में भी कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है।