हरिद्वार में तीन दिनों से चल रहा भाकियू (टिकैत) का किसान सम्मेलन के अंतिम दिन लखनऊ में किसान महापंचायत और केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। किसान यूनियन ने मध्य प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।
किसान सम्मेलन के अंतिम दिन लालकोठी पर हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में वक्ताओं ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को किसान विरोधी करार दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।
किसानों के लिए जितने भी वायदे किए गए थे उनमे से एक भी पूरा नहीं किया गया। अब भाकियू सरकार से आरपार की लड़ाई लडे़गी। बैठक में तय किया गया कि 21 जून को जब प्रधानमंत्री लखनऊ में योग दिवस के मौके पर योग कर रहे होंगे।
देश भर में भाकियू कार्यकर्ता सड़कों पर सरकार के खिलाफ शव आसन कर योग दिवस मनाएंगे। इसके जरिए सरकार को यह चेताने का प्रयास करेंगे कि उनकी गलत नीतियों के चलते किसान मरणासन्न अवस्था में पहुंच गया है। कार्यकारिणी ने तय कि सरकार विरोधी इस योग दिवस के प्रदर्शनों से लखनऊ और आसपास के क्षेत्र को अछूता रखा जाएगा ताकि भीड़ का लाभ उठाकर कोई असामाजिक तत्व किसी तरह की हरकत न कर दें।
वहीं 31 जुलाई को लखनऊ में महापंचायत करने और इसके बाद दिल्ली कूच करने का भी निर्णय लिया गया। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को देश के किसानों पर बकाया चल रहा कर्जा माफ करना होगा।
उन्होंने मप्र के सीएम शिवराज सिंह चौहान पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने, जीएस से प्रभावित बीजों की आपूर्ति बंद करने, स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने और राज्यों में बिजली कृषि से संबंधित उपकरणों के दामों की बढ़ोतरी वापस लेने की मांग उठाई।