यात्रियों के उतरने के बाद जब जीआरपी और आरपीएफ ने ट्रेन के कोच की जांच पड़ताल की तो विनय गोद में रखे पिट्ठू बैग में सिर रखकर सोते मिले। उन्हें जगाने की कोशिश की गई मगर जवाब नहीं मिला। गौर से देखने पर पता चला कि उनकी सांसें थम चुकीं थीं।
जीआरपी थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि विनय की जेब से बुलंदशहर से बरेली तक का ट्रेन का टिकट मिला है। प्रथम दृष्टया मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। विनय के परिवार में पत्नी लोकेंद्र देवी और दो बेटे हैं। उनके छोटे भाई अशोक कुमार भी राजपूताना राइफल अमृतसर में नायक के पद पर तैनात हैं।
ये सामान मिला
कमीज की जेब में 15 और पिट्ठू बैग की जेब में 500 रुपये, मोबाइल, बच्चों की स्कूल की फीस के कागज, एक ब्लैंक चेक, वर्दी, छुट्टी का प्रमाणपत्र और एक थैली में कचौड़ी।