इस स्क्रैप में 555 जिंदा बम भी मौजूद थे। यह बम खाड़ी युद्ध के दौरान के थे। इन विस्फोटकों को एसडी स्टील फैक्ट्री काशीपुर ने दिल्ली स्थित तुगलकाबाद के कबाड़ डीलर से खरीदा था।
दिसंबर 2004 में एसडी स्टील फैक्ट्री में विस्फ ोट के दौरान फैक्ट्री के मजदूरों की मौत हो गई थी। इसके बाद इन बमों को जमीन के अंदर गाड़ दिया गया था। जिला प्रशासन ने सेना से इन बमों को निष्क्रिय करने के लिए पत्र भेजा था।
बम निरोधक दस्ते ने बमों को छोटे-छोटे हिस्सों में विस्फोट कर निष्क्रिय किया। ताकि इस दौरान यहां के लोगों, वन्य जीवों और संपत्ति को क्षति न पहुंच सके। सुरक्षित एवं योजनाबद्ध तरीके से काउंटर एक्सप्लोजिव डिवाइस यूनिट के कमान अधिकारी कर्नल विनय बहल के निर्देशन में पूरा काम किया गया।