भारतीय सेना उत्तराखंड में कई क्षेत्रों में भारी बारिश से हुई तबाही में मदद दे रही है। सेना ने सिविल प्रशासन के साथ मिलकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
पौड़ी और हरिद्वार जनपद में चल रहे बचाव अभियानों में सेना के जवानों के शामिल हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर कई टुकड़ियां हाई अलर्ट पर रखी हैं।
रविवार को ऋषिकेश से नीलकंठ तक सेना ने रैकी कर हालात का जायजा लिया।
राहत एवं बचाव कार्य के लिए कई क्षेत्रों में सेना रवाना
14 -15 अगस्त की रात हुई भारी बारिश के बाद सेना की टुकड़ियां राहत एवं बचाव कार्य के लिए कई क्षेत्रों में रवाना की गई हैं।
सर्वाधिक प्रभावित पौड़ी जनपद में गढ़वाल रेजिमेंटल सेंटर लैंसडौन के अलावा गढ़ी कैंट से बचाव दल भेजा गया है।
ऋषिकेश से गरुड़ चट्टी तक सेना के एक बचाव अभियान दल ने 16 अगस्त को सड़क मार्ग खोलने में मदद की। सेना के कुछ जवान फूल चट्टी से भैरागढ़ के दुर्गम इलाके में पहुंच चुके हैं, जहां भारी भूस्खलन से कई लोग प्रभावित हैं।
मानसून से पैदा हुए हालात को देखते हुए अलर्ट
लक्सर में रुड़की ट्रेनिंग सेंटर 16 अगस्त की शाम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान चलाए हुए है।
सेना अपने अभियान में सिविल प्रशासन और एनडीआरएफ की मदद कर रही है। मानसून से पैदा हुए हालात को देखते हुए सेना ने अपनी कुछ टुकड़ियां अलर्ट पर रखी हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र के साथ समन्वय बनाकर हालात पर नजर रखी जा रही है। सेना ने राज्य सरकार को आश्वस्त किया है कि अगर बारिश से हालात खराब होते हैं तो सेना की टुकड़ियां प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में रवाना की जाएंगी।