आसमान के इन जांबाजों की वीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वायु सेना में तैनात रहे 30 से अधिक अधिकारियों-जवानों को अब तक वीरता पदक प्राप्त हो चुके हैं। किसी को वीर चक्र मिला तो किसी को वायुसेना मेडल।
सराहनीय सैन्य सेवा के लिए विशिष्ठ सेवा मेडल व परम विशिष्ट सेवा मेडल प्राप्त करने वाले अफसरों की तादाद भी कम नहीं है। वर्ष 1965 में भारत-चीन व वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में भी वायुसेना में तैनात रहे जवानों ने अपनी वीरता व शौर्य का परिचय दिखाते हुए दुश्मनों को चारों खाने चित्त किया था।
कभी भुलाया नहीं सकेगा अनुपमा का योगदान
आकाश से सरहदों की रक्षा में उत्तराखंड के वीर आगे रहे हैं, लेकिन महिलाओं को वायुसेना में स्थायी कमीशन दिलाने में भी राज्य के नेतृत्व को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। भारतीय वायुसेना में अधिकारी रही अनुपमा उत्तराखंड की ही हैं, जिन्होंने महिलाओं को वायु सेना में स्थायी कमीशन के मुहिम को मुकाम तक पहुंचाया ।
उत्तराखंड के जाबांजों को मिले अवार्ड
अतिविशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) 03
परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम) 02
कीर्ति चक्र (केसी) 01
एम इन डी 03
शौर्य चक्र (एससी) 01
सेना मेडल (एसएम) 03
वीर चक्र (वीआरसी) 08
वायु सेना मेडल(वीएसएम) 07