वन्य जीव संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से निपटने के लिए अफ्रीकी और एशियाई देशों ने भारत का नेतृत्व स्वीकार कर लिया है। भारतीय वन्य जीव संस्थान ने यह जानकारी दी है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, केंद्र ने राष्ट्रीय वन्य जीव एक्शन प्लान-2017 जारी कर दिया है। कुल 15 वर्षों के लिए ऐसी कार्ययोजना पहली बार बनाई गई है जिसे अफ्रीका और एशिया महाद्वीप के 25 राष्ट्रों ने अपने यहां लागू करने का संकल्प लिया है। इसे तैयार करने में भारतीय वन्य जीव संस्थान के वैज्ञानिकों ने अहम भूमिका निभाई की है। देश में इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भारतीय वन्य जीव संस्थान वहन करेगा।
एक्शन प्लान में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वन्य जीवों, पर्यावरण के प्रति सोच बदलने पर अधिक जोर दिया है। इसके जरिए सरकार की नीतियों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। संरक्षित क्षेत्रों के आसपास के भूक्षेत्रों का विकास किया जाएगा। जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए भी इसके तहत एकीकृत योजना तैयार की जानी है।
मानव-वन्य जीव संघर्ष की समस्या के समाधान की उम्मीद जगी
एक्शन प्लान में पहली बार नेशनल पार्क और दूसरे संरक्षित क्षेत्रों की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वन्य जीव जहां तक विचरण करते हैं वहां तक के इलाके के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। इससे मानव-वन्य जीव संघर्ष की समस्या से छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी है।
एक्शन प्लान को क्रियान्वित कराने में भारतीय वन्य जीव संस्थान सभी प्रांतों में सहयोग करेगा। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए लोगों को भी जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रमों में आम आदमी की सहभागिता बढ़ाई जाएगी।
- डॉ. वीबी माथुर (निदेशक, भारतीय वन्य जीव संस्थान)