स्मृति परेड के मौके पर शनिवार को देहरादून में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और पुलिस महकमे ने ड्यूटी के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले जवानों की शहादत को याद किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सुबह दस बजे पुलिस लाइन पहुंचकर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री रावत ने इस दौरान घोषणा की कि पुलिस आवासिय सुविधाओं में सुधान करेगी। कहा कि हरिद्वार में सबसे ज्यादा गोकशी के मामले सामने आ रहे हैं। इस रोकने के लिए स्पेशल टीम का गठन किया जाएगा।
बता दें कि एक सितंबर 2016 से लेकर 31 अगस्त 2017 तक देश भर में 379 जवान शहीद हुए हैं। इनमें उत्तराखंड के सात जवान भी शामिल हैं। जो ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए।
प्रदेश में सात जवानों ने दी शहादत
1. कांस्टेबल नरेन्द्र सिंह देहरादून
2. कांस्टेबल कलम सिंह हरिद्वार
3. निरीक्षक रामकुमार जुयाल रुद्रप्रयाग
4. कांस्टेबल नरेंद्र कुमार पौड़ी गढ़वाल
5. कांस्टेबल रविंद्र सिंह कुंवर उधम सिंह नगर
6. कांस्टेबल सतेंद्र सिंह नेगी पिथौरागढ़
7. कांस्टेबल नितेश कुमार पिथौरागढ़
हर साल मनाते है स्मृति दिवस
21 अक्तूबर 1959 को भारत की उत्तरी सीमा पर लद्दाख के 15 हजार फीट ऊंचे बर्फीले दुर्गम क्षेत्र में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की गश्ती टुकड़ी के 10 जवान चीन के आक्रमणकारियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। इन्हीं वीर सपूतों के बलिदान की स्मृति में हर वर्ष 21 अक्तूबर को देश भर में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।