भारत दुनिया को अब यह भी बता रहा है कि बाघों का संरक्षण कैसे किया जाता है।
हर देश में बाघों की संख्या घट रही है, इकलौता भारत ही है जहां बाघों की आबादी हर साल छह फीसदी की दर से बढ़ रही है। बाघों की घटती संख्या से परेशान दुनिया के देशों ने भारतीय वन्य जीव संस्थान (डब्ल्युआईआई) से बाघ संरक्षण के गुर सीखे हैं, ताकि पूरे विश्व में बाघों को संरक्षित किया जा सके।
साउथ अफ्रीका की राजधानी जोहांसबर्ग में इसी महीने डब्ल्युआईआई ने बाघों को संरक्षित करने का तरीका विभिन्न देशों के वन्य जीव विज्ञानियों को बताया।
वन्य जीवों के व्यापार के संबंध में नियम-कानून बनाने वाली विश्व की शीर्ष संस्था कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन इंडेंजर्ड स्पेसीस (साइटीज) ने जोहांसबर्ग में 2 अक्तूबर को बाघ संरक्षण के संबंध में बैठक बुलाई थी। इसमें विश्व के घटते बाघों पर चिंता व्यक्त की गई।