युवाओं के बीच युवा प्रेरणा यात्रा से उद्यमिता की अलख जगा रहे उत्तराखंड के बेटे रितेश गर्ग ने इंडोनेशिया में देश का झंडा बुलंद किया है। बाली में चल रहे यूनेस्को वर्ल्ड कल्चरल फोरम में रितेश भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
संस्कृतियों के हक में दिए गए उनके दो सुझावों को यूनेस्को ने मानते हुए बृहस्पतिवार को इसकी विधिवत घोषणा कर दी है। अब उनके इन सुझावों पर पूरी दुनिया में अमल किया जाएगा। रितेश इस फोरम में शामिल होने वाले अकेले भारतीय हैं।
इंडोनेशिया के बाली में यूनेस्को की ओर से 10 अक्तूबर से 14 अक्तूबर तक वर्ल्ड कल्चरल फोरम का आयोजन किया जा रहा है। इस फोरम में 60 से अधिक देश अपनी संस्कृति की झलक पेश कर रहे हैं। भारत से रुड़की निवासी रितेश गर्ग इस फोरम में शामिल होने वाले अकेले भारतीय हैं।
रितेश ने फोन पर बताया कि यहां सभी संस्कृतियों का संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने फोरम में दो प्रमुख मुद्दे उठाए, जिस पर यूनेस्को ने हरी झंडी दे दी है। पहला मुद्दा दुनियाभर की संस्कृतियों की एक डायरेक्टरी बनाने का उठाया। यूनेस्को फोरम ने इसे मान लिया।