धारचूला के तवाघाट से लिपुलेख तक सड़क बन जाने से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को गश्त करने में काफी सहूलियत हो रही है। सुरक्षा बलों के अधिकारी भी सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्थाओं का आसानी से जायजा ले रहे हैं।
वहीं, धारचूला की ओर से चीन सीमा लिपुपास तक सड़क कटिंग का काम पूरा होने के बाद अब बीआरओ ने मुनस्यारी की ओर से चीन सीमा तक पहुंच बनाने के लिए 80 किलोमीटर लंबी मुनस्यारी-मिलम सड़क की कटिंग का काम भी तेज कर दिया है।
सड़क निर्माण में बाधा बन रही 18 किमी लंबी चट्टानों को काटने के लिए सेना ने हेलिकॉप्टर से मशीनें मिलम पहुंचा दी गई हैं। वर्ष 2021 तक मिलम से भी चीन सीमा तक भारत की सड़क से पहुंच हो जाएगी। इस सड़क का निर्माण होने से चीन सीमा पर भारत की सैन्य ताकत भी बढ़ेगी।