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चीन के बाद अब नेपाल भी भारतीय सीमा तक बिछा रहा सड़कों का जाल, तेजी से हो रहा काम

Sat, 27 Jun 2020 01:15 AM IST
अलका त्यागी भक्त दर्शन पांडेय, अमर उजाला, पिथौरागढ़

सार

  • छांगरू-तिंकर के साथ ही सीमा से सटे अन्य गांवों के लिए भी तेजी से बन रही हैं सड़कें
  • 130 किलोमीटर लंबी सड़क में 43 किलोमीटर बन चुकी सड़क
  • दार्चुला और बैतड़ी में भी एक दर्जन से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा 
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नेपाल सीमा पर तैनात जवान - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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चीन के बाद अब नेपाल भी भारतीय सीमा तक सड़कों का जाल बिछा रहा है। दार्चुला-तिंकर मोटर मार्ग के साथ ही इस समय नेपाल में पिथौरागढ़ जिले से लगी सीमा पर सड़कों का काम तेजी से चल रहा है। दार्चुला और बैतड़ी में दोनों देशों का सीमांकन करने वाली काली नदी के किनारे बसे गांवों तक सड़कों का निर्माण हो रहा है। 

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उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी जिलों से लगी 350 किमी लंबी सीमा तक चीन पहले ही सड़कें बना चुका है। अब नेपाल भी भारत की सीमा के नजदीक तक तेजी से सड़कों का निर्माण करा रहा है। उत्तराखंड से नेपाल की 275 किलोमीटर लंबी सीमा लगी है।


यह भी पढ़ें: चीन सीमा पर भारतीय सुरक्षा बलों ने लिपुलेख में सुरक्षा बढ़ाई, आईटीबीपी ने छुट्टी पर गए जवानों को वापस बुलाया
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पिथौरागढ़, चंपावत और उधमसिंहनगर जिलों की सीमाओं से लगी भारत-नेपाल सीमा की लंबाई पिथौरागढ़ जिले में सबसे अधिक लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर है। तीनों जिलों में केवल चंपावत जिले के बनबसा में ही मोटर पुल है, जबकि पिथौरागढ़ जिले में झूलाघाट से लेकर कालापानी में स्थित सीतापुल तक झूला पुलों से ही आवागमन होता है।

बीओपी पर की जवानों की तैनाती

भारत की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तवाघाट से लिपुलेख तक सड़क निर्माण करने के बाद से नेपाल के सुर भी बदल गए हैं। भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को अपने नक्शे में शामिल करने के बाद नेपाल ने छांगरू में बॉर्डर आउट पोस्ट स्थापित कर सेना के जवानों की तैनाती कर दी है।

इसके अलावा, काली नदी किनारे आधा दर्जन स्थानों पर बॉर्डर आउट पोस्ट स्थापित कर सेना के जवानों को तैनात करने का काम चल रहा है। इतना ही नहीं, नेपाल ने भारत और चीन सीमा के निकट स्थित अपने अंतिम गांव छांगरू और तिंकर तक सड़क का निर्माण भी तेज कर दिया है।
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भारतीय सीमा तक आसानी से पहुंच जाएंगे नेपाली सैनिक

130 किलोमीटर लंबी इस सड़क में 43 किलोमीटर सड़क बन चुकी है। शेष सड़क बनाने का काम नेपाल सेना को सौंपा गया है। इसके अलावा, भारत से लगे नेपाल के दो जिलों दार्चुला और बैतड़ी में भी एक दर्जन से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। 

सूत्रों के अनुसार नेपाल की योजना सीमा से लगे अधिक से अधिक गांवों को यातायात सुविधा से जोड़ने की है। छांगरू, तिंकर के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछ जाने के बाद भारतीय सीमा पर नेपाली सुरक्षा बलों की पहुंच आसान हो जाएगी।
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