अब उत्तराखंड में बनबसा से भारतीयों को पूर्व की तरह नेपाल आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस और एसएसबी इसके लिए तैयारियों में जुट गए हैं। नेपाल प्रशासन की ओर से सीमा खोलने से यहां व्यापारियों में खुशी की लहर है। डीएम एसएन पांडेय ने बताया कि नेपाल के कंचनपुर के सीडीओ (जिलाधिकारी) ने दूरभाष के जरिये सीमा खोलने की सूचना दी है।
कोरोना महामारी के चलते भारत-नेपाल सीमा को पिछले वर्ष मार्च में सील किया गया था। शुक्रवार को नेपाल सरकार ने भारत-नेपाल सीमा पर 26 बार्डर खोल दिए। इनमें बनबसा से सटी नेपाल की गड्डाचौकी (कंचपनपुर जिला) भी एक है। चंपावत के डीएम एसएन पांडेय ने बताया कि शनिवार को दोपहर में नेपाल के कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर से जिलाधिकारी ने दूरभाष पर सीमा खोले जाने की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अब सीमा खोले जाने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के बाद शीघ्र ही सीमा पर लॉकडाउन से पूर्व की भांति आवागमन सुचारु हो जाएगा। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना के नेपाली पूर्व सैनिक कैंटीन का सामान पहले की तरह नेपाल ले जा सकेंगे। नेपाली नागरिक और बनबसा के व्यापारी भी नेपाल के व्यापारियों को सामान की सप्लाई पहले की तरह कर सकेंगे। इधर, सुरक्षा एजेंसियां भी सीमा खुलने की सूचना के बाद से सतर्क हो गई हैं।
दोनों ओर कारोबार हुआ प्रभावित
लॉकडाउन के चलते भारत-नेपाल सीमा सील होने से बनबसा का कारोबार खासा प्रभावित हुआ। नेपाल के लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नेपाल से बीमार लोग भारत में उपचार के लिए नहीं आ पा रहे थे। सीमा पर कारोबार दोनों ओर प्रभावित हुआ। मजदूर, रिक्शा चालक, फड़ लगाने वाले, सब्जी कारोबारियों को दिक्कतें पेश आई। रक्षाबंधन में नेपाल ससुराल से बेटियां भारत माइके नहीं आ सकी थी।
दिल्ली में बम विस्फोट के बाद नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ी
दिल्ली में शुक्रवार को इजरायली दूतावास के पास हुए बम धमाके के बाद यहां भारत नेपाल सीमा पर सतर्कता बरती जा रही है। कोतवाल धर्मवीर सोलंकी ने बताया कि एसपी लोकेश्वर सिंह के निर्देश पर चंपावत जिले के प्रवेश जगबूड़ा पुल, मझगांव से सटी खटीमा सीमा के अलावा होटलों, राष्ट्रीय संपत्तियों, धार्मिक स्थलों आदि पर सघन चेकिंग की जा रही है। बताया कि पुलिस संदिग्ध, अनजान और बाहरी लोगों से कड़ी पूछताछ करने में जुटी है।