टनकपुर (चंपावत)। कोरोना काल में करीब 10 माह से बंद भारत-नेपाल सीमा को नेपाल सरकार ने शुक्रवार से खोल दिया है। नेपाल मंत्री परिषद के फैसले के अनुपालन में वहां के गृह मंत्रालय ने बताया कि भारत से लगी सीमा के सभी रास्तों को दोनों देशों के बीच पूर्व की भांति आवाजाही के लिए खोल दिया गया है, लेकिन कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते हुए ही आवाजाही की अनुमति होगी। हालांकि नेपाल की ओर से भारतीय प्रशासन को अभी अधिकारिक तौर पर लिखित सूचना नहीं मिली है, लेकिन नेपाल प्रशासन ने मौखिक रूप से सीमा खोलने की सूचना दी है। इधर, भारत के रास्ते अन्य देशों के नागरिकों के लिए अभी भी नेपाल में प्रवेश प्रतिबंधित है।
नेपाल सरकार ने कोरोना के चलते पिछले वर्ष 23 मार्च से भारत से जुड़े सभी रास्तों को बंद कर सीमा सील कर दी थी। तब से दोनों देशों के बीच पिछले 10 माह से आवागमन पूरी तरह से बंद था। सीमा पार के सरकारी सूत्रों और नेपाल के एक ऑनलाइन न्यूज पोर्टल में प्रसारित खबर के मुताबिक बृहस्पतिवार को हुई नेपाल के मंत्री परिषद की बैठक में सीमा खोलने का निर्णय लिया गया है। नेपाल गृह मंत्रालय की ओर से मीडिया को दी गई जानकारी के मुताबिक भारतीय सीमा के नेपाल के कैलाली जिले का गौरीफंटा, कंचनपुर जिले की गड्डाचौकी, बैतड़ी जिले का झूलाघाट और धारचूला समेत सभी 26 वैधानिक रास्तों को शुक्रवार से खोल दिया गया है। दोनों देशों के बीच पूर्व की भांति आवाजाही की अनुमति होगी, लेकिन कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते हुए आवाजाही करनी होगी। भारतीय सीमा के रास्ते तीसरे देश के नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध जारी रहेगा। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि सीमा नेपाल सरकार की ओर से ही सील की गई थी, जो वहां की सरकार के फैसले पर शुक्रवार से खोल दी गई है। उन्होंने बताया कि सीमा खोलने के बारे में फिलहाल नेपाल की ओर से कोई लिखित सूचना नहीं मिली है, लेकिन वहां के प्रशासन ने सीमा खोलने के बारे में मौखिक रूप से सूचित किया है।