नेपाल के नागरिकों के अनुरोध पर कुछ घंटों के लिए झूला पुल खोलने पर धारचूला के व्यापारी भड़क गए। व्यापारियों के प्रदर्शन के कारण शुक्रवार शाम झूला पुल नहीं खोला जा सका। इससे नेपाल से भारत आने और भारत से नेपाल जाने का इंतजार कर रहे करीब डेढ़ सौ लोग मायूस हो गए।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए भारत-नेपाल को जोड़ने वाले पुल लॉकडाउन के समय से बंद हैं। केवल बीमार, छात्र, पेंशनर या अन्य लोगों के विशेष अनुरोध पर ही कुछ समय के लिए पुल खोले जा रहे हैं। इससे व्यापारियों में नाराजगी है। पुलों के बंद होने से सीमांत के व्यापारियों का कारोबार भी ठप हो गया है। शुक्रवार को जब व्यापारियों को एक घंटे के लिए पुल खोलने का पता चला तो वे गुस्सा उठे।
व्यापारियों ने व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा के नेतृत्व में चार पुल के पास प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने कहा कि आठ माह से अधिक समय से पुल बंद होने से कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया है। झूला पुल को केवल नेपाल के लोगों के अनुरोध पर खोला जा रहा है, जबकि भारतीय व्यापारियों की मांग को अनसुना किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
व्यापारियों के विरोध के चलते शाम के समय झूला पुल नहीं खुला। नेपाल जाने के लिए झूला पुल पर पहुंचे नेपाल के जनक मेहता, दलबीर सिंह मेहता सहित अन्य लोग मायूस हो गए।
धरना देने वालों में व्यापार संघ महासचिव नवीन खर्कवाल, देवराज सिंह गर्ब्याल, उपाध्यक्ष प्रकाश गुंज्याल, जिला उपाध्यक्ष हरीश गुंज्याल, योगेश गर्ब्याल, शिव सिंह खोलिया, खुशाल धामी, अकरम आदि व्यापारी थे।