प्रत्येक बीओपी में एक प्लाटून में 40 अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। 83 लाख रुपये की लागत से चार भवन बनेंगे। भवनों के निर्माण का काम ए क्लास ठेकेदार पूरन सिंह धारियाल कर रहे हैं। जवानों के रहने के लिए भवनों में बैरक, कमांडर बैरक, किचन कम डाइनिंग हॉल, शौचालय और बाथरूम बनेगा।
नेपाल सीमा पर और तीन बीओपी हैं प्रस्तावित
भौरा के पांच किमी के दायरे में अभी हल्दू, रौतगड़ा, जमतड़ी में बीओपी बनी है। अमतड़ी के पास भी गेठीगाड़ा और सुनखोली में बीओपी हैं। अगले चरण में चोरा, द्वालीसेरा और ढुंगातोली में बीओपी प्रस्तावित हैं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
सीमा विवाद के बाद बीओपी निर्माण में आई तेजी
भारत के साथ सीमा विवाद के बाद नेपाल ने सीमा पर बड़ी संख्या में बीओपी बनाने का काम शुरू किया है। सीमा पर नेपाल की सक्रियता देखते हुए भारत ने भी इस पर सक्रियता दिखाई। भारतीय क्षेत्र में एसएसबी के लिए नई बीओपी पहले से प्रस्तावित थी, लेकिन जमीन हस्तांतरण न होने से इनका निर्माण शुरू नहीं हो पाया था। एसएसबी तेज गति से बीओपी बनवा रही है।