भारत और म्यांमार संयुक्त रूप से देश की सरहद के पहरुये बनेंगे। साथ ही सरहद की निशानदेही के लिए मिलकर बाउंड्री पिलर्स की स्थापना की जाएगी जो पिलर्स टूट गए हैं, दोनों देश मिलकर फिर से उन पिलर को लगाएंगे। सरहद की सुरक्षा के लिए भारत और म्यांमार की दोस्ती को और मजबूत किया जाएगा।
भारत के महासर्वेक्षक कार्यालय में दोनों देशों के सर्वे विभाग के अफसरों की बैठक दूसरे दिन बुधवार शाम तक चली। बैठक में सरहद की सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर अहम निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत में बीते साल 9-10 अप्रैल को यांगो में लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई। इसके बाद वर्ष 2016-17 फील्ड के सीजन के संबंध में चर्चा की गई।
फील्ड सीजन में बाउंड्री पिलर्स का रख-रखाव किया जाता है। दो देशों की सरहद की पहचान इन्हीं बाउंड्री पिलर्स के जरिए होती है। बैठक में बाउंड्री पिलर्स के संयुक्त निरीक्षण की कार्ययोजना तैयार की गई। इसके अलावा टूटे पिलर्स की मरम्मत करने का भी निर्णय लिया गया। सरहद के जो पिलर्स गायब हो गए हैं, उन्हें फिर से लगाया जाएगा।
दोनों देश जल्दी ही बाउंड्री पिलर्स का निरीक्षण शुरू करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल संयुक्त प्रशिक्षण के मुद्दे पर भी राजी हो गए। महासर्वेक्षक डॉ. स्वर्ण सुब्बाराव ने भारत और महासर्वेक्षक एचई थांग हियांग ने म्यांमार के सर्वे विभाग के अफसरों की टीम की अगुवाई की।