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भारत-चीन विवाद: अब लिपुपास के करीब दार्चिन में अपना नया सैन्य ठिकाना बना रही चीनी सेना

Fri, 21 Aug 2020 10:22 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डीडीहाट (पिथौरागढ़)

सार

  • तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा का अहम पड़ाव है दार्चिन 
  • लिपुपास से 31 किमी की दूरी पर स्थित है दार्चिन
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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कैलाश मानसरोवर यात्रा के अहम पड़ाव दार्चिन में चीनी सेना की गतिविधियां देखी गई हैं। बताया जा रहा है कि चीनी सेना इस स्थान पर अपना नया सैन्य ठिकाना बना रही है। दार्चिन की दूरी लिपुलेख पास से 31 किलोमीटर है।

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चीन भारतीय सीमा पर लगातार अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। लद्दाख से लेकर लिपुलेख तक चीनी सेना की गतिविधियां बढ़ गई हैं। हाल ही में लिपुलेख के निकट एक हजार सैनिकों की तैनाती के बाद अब दार्चिन में भी नया सैन्य ठिकाना बनाने की खबर है।

दार्चिन कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग का प्रमुख पड़ाव है। कैलाश यात्री वहां एक रात रुकते हैं। सूत्रों के अनुसार, चीनी सेना अब दार्चिन में सैनिकों के रहने के लिए हट्स बना रही है। इसके अलावा सैन्य साजोसामान वहां पर पहुंचाया जा रहा है।

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होरे में भी सैन्य ठिकाना बनाने की सूचना

लिपुपास से तकलाकोट की दूरी 19 किलोमीटर है जबकि तकलाकोट से दार्चिन 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दार्चिन की ऊंचाई 3182 मीटर है। इसके अलावा चीनी सेना के एक अन्य स्थल होरे में सैन्य ठिकाना बनाने की भी सूचना है। होरे भी मानसरोवर झील के पास ही है।

जिन दोनों स्थानों में चीन अपनी सैन्य छावनी बना रहा है वे स्थल ल्हासा के निकट हैं। ल्हासा तक चीन की रेल लाइन बिछी है। सीमा पर चीन की गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा बलों ने भी ड्रेगन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तैयारी की है। लिपुलेख में सेना और भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवान पहले से ही तैनात हैं। इधर नेपाल सीमा पर एसएसबी मुस्तैद है।
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