थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ सेना ब्रिगेड पहुंचे। वे शुक्रवार को चीन और नेपाल सीमा का दौरा करेंगे। चीन के साथ चल रही तनातनी के बाद यह पहला मौका है जब थल सेनाध्यक्ष लिपुलेख और कालापानी क्षेत्र का दौरा करेंगे।
जनरल नरवणे बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ सेना ब्रिगेड पहुंचे। उन्होंने सेना के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की। बृहस्पतिवार को पिथौरागढ़ में रात्रि विश्राम के बाद वे दोनों ही सीमाओं के दौरे पर निकलेंगे।
पिथौरागढ़ जिले में चीन और नेपाल दो देशों की सीमाएं पड़ती हैं। चीन सीमा पर सेना और आईटीबीपी तो नेपाल सीमा पर एसएसबी तैनात है। लद्दाख में चीनी सैनिकों की घुसपैठ के साथ ही चीन ने लिपुलेख सीमा के निकट भी बड़ी संख्या में सैनिकों को तैनात किया है। इसके अलावा प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर के निकट चीन मिसाइल बेस बना चुका है।
ड्रेगन की हरकतों के बाद भारत ने भी लिपुलेख से लेकर मिलम तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है। सुरक्षा बलों के जवान दिन-रात गश्त कर रहे हैं। भारत के लिपुलेख तक सड़क बनाने के बाद नेपाल ने भी तेवर बदलते हुए भारतीय सीमा पर छांगरू तक नई सैन्य चौकियां स्थापित की हैं। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार की सुबह जनरल मनोज मुकुंद नरवणे हेलीकॉप्टर से सीमा का दौरा करेंगे।