लद्दाख क्षेत्र में चीन की घुसपैठ के बीच उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद से लगी भारत-चीन सीमा पर भी सेना और आईटीबीपी के जवान मुस्तैदी के साथ ड्यूटी दे रहे हैं। इस हिस्से में कभी चीन की ओर से घुसपैठ की कोई घटना नहीं हुई है। इसके बावजूद यहां पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
उत्तरकाशी जनपद में जिला मुख्यालय से करीब डेढ़ सौ किमी आगे चीन की 117 किमी सीमा लगी हुई है। वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद सरकार ने सीमावर्ती नेलांग और जाढ़ूंग गांव को खाली करवा कर यह क्षेत्र सेना के सुपुर्द कर दिया था।
वर्तमान में सीमा पर नेलांग, जाढ़ूंग, नागा, त्रिपाणी, मंडी, सुमला, पीडीए, थागला-1, थागला-2, मुनिंगलापास, टीसांचुकला आदि सीमावर्ती चौकियों पर भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान मुस्तैद हैं। सीमाओं की निगरानी के लिए भारत की ओर से बॉर्डर इलाके में सड़कों का जाल बिछाया गया है।
बीते मई माह में लद्दाख क्षेत्र में चीन के साथ तनातनी के बाद से इस ओर भी सीमा पर तैनात जवानों को अलर्ट किया गया है। मई में मध्य कमान के सेनाध्यक्ष ने सीमावर्ती क्षेत्र का दौरा कर यहां अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए थे।