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Corona in Uttarakhand: 571 नए मामले आए, 11 मरीजों की मौत, संक्रमितों का आंकड़ा 20 हजार पार

Tue, 01 Sep 2020 11:49 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मंगलवार को प्रदेश में 571 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। वहीं इसके बाद अब प्रद्रेश में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 20 हजार पार हो गया। एक्टिव केस भी छह हजार पार हो गए हैं।

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उधर, संक्रमित मरीजों की मौत भी थम नहीं रही है। आज 11 मरीजों की मौत हुई है। इसमें एम्स ऋषिकेश में पांच, दून मेडिकल कालेज में एक, श्री महंत इंद्रेश हास्पिटल में एक और सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी में चार संक्रमितों की इलाज के दौरान मौत हुई है। प्रदेश में 280 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, आज 10127 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं सबसे ज्यादा 169 कोरोना संक्रमित मरीज देहरादून जिले में मिले हैं। नैनीताल जिले में 106, ऊधमसिंह नगर में 79, हरिद्वार में 63, टिहरी में 42, अल्मोड़ा में 29, चंपावत में 25, पौड़ी में 22, उत्तरकाशी में 20, बागेश्वर में सात, रुद्रप्रयाग में छह और चमोली जिले में तीन कोरोना मरीज मिले हैं। 
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वहीं, आज 404 मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा गया है। इन्हें मिला कर प्रदेश में 14012 मरीज ठीक हो चुके हैं। प्रदेश संक्रमितों की संख्या 20398 हो गई है। इसमें 6042 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। 

चिड़ियापुर के रेंजर कोरोना पॉजिटिव 

हरिद्वार वन प्रभाग की चिड़ियापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी के कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हरिद्वार वन प्रभाग कार्यालय को तीन दिन के लिए पाबंद कर दिया गया है। इसके साथ ही चिड़ियापुर रेंज कार्यालय भी तीन दिन के लिए पाबंद रहेगा।

चिड़ियापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी ने डीएफओ नीरज शर्मा को 31 अगस्त की शाम को अपनी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने की जानकारी दी थी।

इसके बाद से वन विभाग में हड़कंप मच गया। 27 अगस्त को वन क्षेत्राधिकारी चिड़ियापुर राजकीय कार्य के लिए हरिद्वार वन प्रभाग कार्यालय बिल्केश्वर आए थे। कर्मचारियों को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। 

कोरोना मरीजों की बढ़ रही तादाद, निजी अस्पतालों का बढ़ाया दायरा

प्रदेश में रोजाना तेजी से बढ़ रहे कोरोना मरीजों को देखते हुए सरकार ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों का दायरा बढ़ा दिया है। संक्रमितों के इलाज के लिए जिन निजी अस्पतालों के पास मैदानी क्षेत्रों में 40 बेड और पहाड़ों में कम से कम 20 बेड हैं, तो उन्हें संक्रमितों का उपचार करने की अनुमति दी जाएगी। 

मंगलवार को सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने सभी जिलों को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। शासन ने निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के इलाज की अनुमति के लिए 28 अगस्त को एसओपी जारी की थी। अब सरकार ने कोरोना मरीजों की तादाद बढ़ने से निजी अस्पतालों का दायरा बढ़ा दिया है। संक्रमितों का उपचार करने के लिए निजी अस्पतालों को केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन का पालन करना होगा।

आदेश के अनुसार कोरोना मरीजों के लिए मैदानी क्षेत्रों में 40 बेड और पहाड़ों में 20 बेड वाले निजी अस्पताल को भी इलाज की अनुमति दी जाएगी। अस्पताल में कम से कम तीन आईसीयू बेड होने चाहिए। वहीं, स्थायी रूप से नियुक्त फिजिशियन, ऐनेस्थेटिस्ट, जनरल ड्यूटी मेडिकल आफिसर होना जरूरी है। प्रशिक्षण पैरामेडिकल स्टाफ और पैथोलॉजी लैब की सुविधा, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड की सुविधा होनी चाहिए। सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर ही निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज किया जाएगा।
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एक इलाका पाबंद, दो हुए मुक्त 

कोरोना संक्रमितों के मिलने पर मंगलवार को जमोलीवाला को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया, जबकि दून विहार जाखन व नेहरू एन्क्लेव जीएमएस रोड को पाबंद से मुक्त कर दिया गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसके आदेश जारी किए। 

डीएम ने बताया कि नगर निगम के गुनियाल गांव स्थित जमोलीवाला, सिनौला का वह हिस्सा जिसके पूर्व में चंद्रोटी मार्ग, पश्चिम में आबादी, उत्तर में जमोलीवाला गल्जवाड़ी मार्ग तथा दक्षिण दिशा में खाली कृषि भूमि को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। 

उधर, दून विहार जाखन एवं नेहरू एन्कलेव को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है। मुक्त चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट के बाद यह निर्णय लिया गया। वहीं, एंटी डेंगू-मलेरिया अभियान के तहत आशा कार्यकताओं की टीम को 27 मकानों व 57 कंटेनर में मच्छर का लार्वा मिला, जिसे नष्ट कर दिया गया। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने पर 108 लोगों का चालान किया गया। मनरेगा के जरिये 31737 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया। 

फ्लाइट से 365 प्रवासी जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जबकि 137 लोग फ्लाइट से दूसरे राज्य गए। वहीं, जिले में 1117 लोगों के सैंपल लिए गए। आशा कार्यकर्ताओं ने 2124 लोगों का फॉलोअप किया। दूसरे राज्यों से दून पहुंचे 378 लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद क्वारंटीन किया गया। होम क्वारंटीन किए गए 4776 लोगों को फोन कर सर्विलांस किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 69348 लोगों का सर्विलांस किया तथा 19 लोगों की काउंसिलिंग की गई।
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