राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है स्वतंत्रता दिवस : राज्यपाल
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का दिन हम सब को यह प्रेरणा देता है कि हम समरसता, समृद्धि, खुशहाली से राष्ट्र निर्माण की तरफ बढ़ें।
राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस मौके पर हम सब संकल्प लें कि मिलजुल कर उत्तराखंड और देश को आगे बढ़ाते हुए बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के नए अवसरों को तलाशकर इनोवेशन और कार्यकुशलता से एक नई ऊंचाई तक पहुंचा सकें। राज्यपाल ने वीरता पदक विजेताओं, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए कहा कि जिन्होंने इस देश की आजादी एवं सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, वह कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर हर देशवासियों में राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण और देश की सुरक्षा के लिए जो उत्साह देशभर में दिख रहा है, वह अपने आप में अलग है।
दुनिया के सामने पेश की आत्मनिर्भर भारत की मिसाल
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से देश हर एक क्षेत्र में नए-नए आयाम स्थापित कर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमने विश्वव्यापी महामारी से लड़ते हुए दो सौ करोड़ से अधिक स्वदेशी टीके का निर्माण कर पूरे विश्व के सामने आत्मनिर्भर भारत की मिसाल पेश की है।
प्रगति के पथ पर उत्तराखंड
राज्यपाल ने कहा कि देश के साथ-साथ उत्तराखंड भी विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद चुनौतियों से पार पाते हुए प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के सफल संचालन के साथ ही कनेक्टिविटी, रेल मार्गों के निर्माण से भविष्य में यात्रा और भी सुगम और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। कहा कि सरकार की ओर से कृषि, जैविक खेती, औद्यानिकी को मजबूती देने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को पहाड़ में ही विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के जरिये प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि पलायन की समस्या को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से युवाओं को रोजगार परक शिक्षा व ट्रेनिंग दी जा रही है।
राष्ट्रनिर्माण में अहम भूमिका निभा रही मातृशक्ति
राज्यपाल ने उत्तराखंड की मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि प्रदेश की महिलाओं में संघर्ष की अद्भुत शक्ति है, विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद भी मातृशक्ति राष्ट्रनिर्माण में अहम भूमिका निभा रही है।