प्रथम विश्व युद्ध में गांव के दो सगे भाई मुरारी सिंह व देव सिंह ने अंग्रेजों की तरफ से लड़ाई लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की थी। इन दोनों भाईयों का नाम दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकित है। इसके अलावा दिल सिंह और उमराव सिंह सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज का हिस्सा रहे हैं। आजादी के बाद वर्ष 1962, 1971, 1975 और 1999 के कारगिल युद्ध में भी यहां वीर सपूतों ने अपना पराक्रम दिखाया है।
लुठियाग गांव के 14वीं राष्ट्रीय रायफल के लांस नायक मुरारी सिंह का शौर्य किसी पहचान का मोहताज नहीं है। 14 जून 2000 को आतंकवादियों से लड़ते हुए वे जम्मू क्षेत्र में शहीद हो गए थे। मरने से पहले उन्होंने दो दुश्मनों को अपनी बंदूक से ढेर कर दिया था। बीते वर्ष शहीद का बड़ा बेटा भी सेना में भर्ती हो चुका है।