बुधवार को आयकर कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य आयकर आयुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि उत्तराखंड के लोगों में गत वर्षों के मुकाबले इस बार आयकर रिटर्न जमा कराने को उत्साह दिखा है।
उन्होंने बताया कि गत वर्ष प्रदेशभर से पांच लाख 17 हजार 940 लोगों ने आयकर जमा किया था। इस साल वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले तक इनकी संख्या छह लाख 21 हजार 821 पहुंच चुकी है। इस साल अभी तक करदाताओं की संख्या में एक लाख तीन हजार 881 का इजाफा हो चुका है।
गत वर्ष प्रदेशभर से दस हजार करोड़ रुपये का टैक्स राजस्व एकत्र हुआ था। इस साल यह आंकड़ा बढ़कर अभी तक 10,300 करोड़ रुपये पहुंच चुका है। 31 मार्च तक यह आंकड़ा 11 हजार करोड़ पार कर जाएगा।
यानी इस साल आयकर विभाग से एक हजार करोड़ का अतिरिक्त राजस्व एकत्र हुआ है। प्रमोद कुमार गुप्ता के मुताबिक, नॉन कारपोरेट सेक्टर से टैक्स रेवेन्यू में इजाफा हुआ है। इस सेक्टर में 16.29 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कारपोरेट सेक्टर में भी 6.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
22 सर्वे से पकड़ा 33.61 करोड़ का काला धन
आयकर विभाग ने इस साल गत वर्षों के मुकाबले सर्वेक्षण में भी काफी काम किया है। प्रदेशभर में 22 सर्वेक्षण पांच माह के भीतर किए गए हैं। इनमें से 12 सर्वेक्षण देहरादून और 10 सर्वे हल्द्वानी क्षेत्र में किए गए। आयकर विभाग के मुताबिक, इन सर्वे से कुल 33.61 करोड़ रुपये की अघोषित आय पकड़ में आई है। इससे करीब दस करोड़ रुपये का टैक्स आया, जिसमें से चार करोड़ जमा हो चुका है। बाकी छह करोड़ भी जल्द जमा हो जाएगा।
लोगों के बीच बढ़ाई जागरुकता
आयकर विभाग ने पहली बार आयकर रिटर्न जमा कराने के लिए अभियान चलाया है। खुद मुख्य आयकर आयुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता ने चिकित्सकों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के अलावा समाज के अलग-अलग तबकों के बीच आयकर विवरणी दाखिल करने के लिए जागरुकता अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि इसके निश्चित तौर पर अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
दस लाख से अधिक अनसिक्योर्ड लोन पकड़ा जाएगा
आयकर विभाग इन दिनों इनकम टैक्स रिटर्न के वेरिफिकेशन में जुटा है। विभाग के पास कंप्यूटर असिस्ड स्क्रूटनी सिस्टम है, जिसमें दस लाख रुपये से अधिक अनसिक्योर्ड लोन आइडेंटिफाई हो जाता है। आयकर विभाग की सलाह है कि अगर ऐसा कोई लोन किसी ने लिया है तो वह अपनी आईटीआर में इसे जरूर दिखाए। नहीं तो उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।