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I- डीएम सविन बंसल ने कहा, कंप्यूटर कियोस्क से बिचौलियों व दलालों की चैन टूटेगीI
जमीन फर्जीवाड़े के बढ़ते मामलों को देखते हुए डीएम सविन बंसल ने राज्य का पहला डेडिकेटेड कंप्यूटर कियोस्क कलेक्ट्रेट में लगाने के निर्देश दिए हैं। रजिस्ट्री कार्यालय के समीप कंप्यूटर कियोस्क को लगाया जाएगा। इसमें सामान्य नागरिक ई-रजिस्ट्रेशन वेबसाइट से ले पाएंगे।
कियोस्क के जरिए भूमि स्वामी अपनी भूमि के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। डीएम सविन बंसल ने कहा, कंप्यूटर कियोस्क से बिचौलियों व दलालों की चैन टूटेगी। उन्होंने कहा कि जनमानस में जागरूकता लाने के लिए रजिस्ट्री से पूर्व किन-किन बिन्दुओं का ध्यान रखना है, इसके फ्लैक्स लगाए जाएंगे। डीएम ने कहा कि आम जनमानस के साथ धोखाधड़ी नहीं होने दी जाएगी। जिलाधिकारी ऋषिपर्णा सभागार में स्टांप व रजिस्ट्रेशन विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने एआईजी स्टांप व सब रजिस्ट्रार सहित राजस्व विभाग के अधिकारियों को भूमि फर्जीवाड़ा रोकने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाने तथा जनमानस को फर्जीवाड़े से बचाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए।
डीएम ने रजिस्ट्रार कार्यालय की लचर कार्यप्रणाली पर फटकार लगाकर एडीएम को एक सप्ताह के भीतर पूरी तैयारी के साथ बैठक कराने के निर्देश दिए। कहा कि भूमि धोखाधड़ी का मुख्य कारण लोगों को रजिस्ट्री, लैंड रिकार्ड की जानकारी न होना है, इसका गैप पूरा किया जाए। भूमि क्रय विक्रय से पूर्व खतौनी, दाखिला चैक, आईडी की जांच की जाए। जिलाधिकारी ने लेख पत्रों के क्रय विक्रय की रजिस्ट्री के दौरान जांच किए जाने वाले तथ्यों की जानकारी मांगी। तथ्यों का स्रोत पूछा। अधिकारियों द्वारा ठीक प्रकार से जानकारी न दिए जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।
डीएम ने अफसरों को तथ्यों के साथ बैठक में प्रतिभाग करने के निर्देश दिए। संदिग्ध प्रकरणों की जानकारी व स्टांप परीक्षण का तरीका पूछने पर अधिकारी जवाब नहीं दे सके। जिलाधिकारी ने आधी-अधूरी तैयारी से आने पर एआईजी स्टांप को फटकार लगाते हुए पूरी तैयारी के साथ बैठक में आने के निर्देश दिए।