महानगर में जलभराव के संबंध में शहरी विकास मंत्री ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ विधानसभा कार्यालय में बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से जलभराव से निपटने के संबंध में कार्ययोजना की जानकारी ली और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में लापरवाही न हो।
शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि शहर में जलभराव का मुख्य कारण नालों की केयरिंग कैपेसिटी का कम होना है। जलभराव रोकने के लिए सिंचाई विभाग के साथ लगभग 34 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई है। जलभराव से निपटने के लिए पांच बड़े और पांच छोटे पंपों की व्यवस्था करने के साथ ही पांच जेसीबी मशीनों को प्रभावित क्षेत्रों में लगाया गया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वर्षाकाल के दौरान किसी भी स्थिति में अपना फोन ऑन रखें। मंत्री ने वर्षाकाल के दौरान सर्पदंश की घटना होने पर कार्मिकों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने साफ पानी में डेंगू के लार्वा पनपने की स्थिति से निपटने के लिए आशा कार्यकर्ताओं और नगर निगम के कर्मचारियों को मुस्तैद रहने को कहा। उन्होंने समय-समय पर दवा छिड़काव, लार्वा को नष्ट करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त बीर सिंह बुदियाल आदि मौजूद रहे।