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भारत में यहां चीन के सीमेंट से बन रही छत, नेपाल के नेटवर्क से हो रही बात

Mon, 01 Oct 2018 09:59 AM IST
अंकुर शर्मा/दिनेश अवस्थी, अमर उजाला, पिथौरागढ़
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cement - फोटो : डेमो फोटो
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उत्तराखंड में तिब्बत सीमा के  गांव ‘संचार’ और ‘आवास’ के लिए भी पड़ोसी मुल्कों पर निर्भर हैं। सीमांत गांवों में छत बनाने के लिए सीमेंट और सीमेंट की चादर भी नेपाल के रास्ते चीन से पहुंच रही है।

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मोबाइल से बातचीत के लिए भी नेपाल टेलीकॉम का सहारा है। अमर उजाला संवाददाता ने भी धारचूला में पहुंच कर भारत के मोबाइल नेटवर्क से बात करने की कोशिश की तो कोई रिस्पांस नहीं मिला। मोबाइल में नेपाल टेलीकॉम का नेटवर्क दर्शा रहा था। इस पर भारत का कोड लगाकर मोबाइल नंबर मिलाया तो नेपाल नेटवर्क से बातचीत हो सकी।
 
स्थानीय लोगों से बातचीत में बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। उन्होंने बताया कि चीन पर सिर्फ राशन के लिए ही निर्भर नहीं हैं बल्कि सीमांत के गांवों में अगर किसी को घर बनाना है तो नेपाल के रास्ते चीन का सीमेंट और घर की छत के लिए सीमेंट की चादर पहुंचती है। केवल पत्थर  स्थानीय होता है। रं संस्था के संरक्षक और धारचूला के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अशोक नबियाल के अनुसार घर बनाने के लिए चीन का सीमेंट, चादर आदि इस्तेमाल करनी पड़ती है। गर्ब्यांग, गुंजी, नपल्च्यू, बूंदी, कुटी, नाभि और कालापानी आदि गांवों में आपदा से ध्वस्त मकानों और नए मकानों का निर्माण भी पड़ोसी मुल्कों के भरोसे ही हो रहा है।
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धारचूला में केवल नेपाल टेलीकॉम का नेटवर्क ही नहीं, सिम और रिचार्ज कूपन भी

सीमांत गांव से 100-105 किमी पहले ही धारचूला में भी भारत के नेटवर्क से बात करने की कोशिश करें तो शायद ही बातचीत हो सके। धारचूला में भारत संचार निगम लिमिटेड, एयरटेल, आइडिया नेटवर्क हैं फिर भी इन नेटवर्क की कनेक्टिविटी ठीक नहीं है। तमाम लोग नेपाली नेटवर्क के सहारे ही आपस और दुनिया से संपर्क बनाए हुए हैं।

धारचूला में केवल नेपाल टेलीकॉम का नेटवर्क ही नहीं मिलेगा बल्कि सिम से लेकर रिचार्ज कूपन भी आसानी से उपलब्ध है। नाभि से रविवार को पैदल धारचूला पहुंचे अशोक नबियाल ने कहा कि उच्च हिमालयी गांवों से जाड़ों में नीचे आने वाले लोगों को रास्ता न होने से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क और बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं की गईं तो नवंबर से आंदोलन किया जाएगा।

नेपाल से आने वाली वस्तुओं के दाम
वस्तु                               सीमांत गांव में दाम (नेपाल से आने वाले)
सीमेंट                                2000 रुपये प्रति बैग
सीमेंट की चादर (जीआई शीट)     1500 रुपये  प्रति शीट
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