वनाधिकारियों की मानें तो अब हथिनी हालत ऐसी हो चुकी है कि वह आसानी से मथुरा पहुंच सकती है। एसओएस मथुरा में हथिनी के उपचार के बेहतर संसाधन है और वहां पर उसका बेहतर इलाज हो गया।
रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ भूपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एसओएस मथुरा के निदेशक से वह संपर्क में है और हथिनी की हालत के बारे में जानकारी दी जा रही है। सब कुछ ठीक रहा तो तीन-चार दिन में मथुरा की टीम रामनगर आकर हथिनी को ले जाएगी।