श्री गुरु रामराय लक्ष्मण महाविद्यालय देहरादून की ओर से युवाओं को संस्कृत भाषा के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए शोभायात्रा निकाली। इस दौरान सदस्यों ने लोगों को बताया कि संस्कृत सनातन धर्म की भाषा है। इसका संरक्षण करना हमारा धर्म है। उन्होंने दैनिक जीवन में इसका अधिक से अधिक और अंग्रेजी का कम से कम प्रयोग करने की अलील की।
रविवार सुबह दरबार साहिब संस्कृत महाविद्यालय परिसर से निकाली शोभायात्रा हनुमान चौक-दर्शनी गेट-लक्खीबाग से सहानपुर चौक से होते हुए झंडा चौक से पुन: महाविद्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। इसमें शामिल परशुराम संस्कृत महाविद्यालय, लक्ष्मण इंटरमीडिएट कॉलेज के एनसीसी कैडेट, हिमालयन योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा संस्थान के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। समापन पर हुई सभा में संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नत्थीलाल भट्ट ने कहा कि तकनीकी के इस युग में भाषाएं भी आधुनिक हो रही है। ऐसे में संस्कृत भाषा का संरक्षण जरूरी है। संस्कृत भारती के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. बुद्धदेव शर्मा ने कहा कि हमें अपने पाल्यों को संस्कृत भाषा के प्रति प्रेरित करना चाहिए। हम जितने भी आधुनिक युग में प्रवेश क्यों न कर लें, भाषा से ही हमारी पहचान है। इस अवसर पर शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. सूर्यमोहन भट्ट, महाविद्यालय के उप प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र प्रसाद डंगवाल, उपाचार्य डॉ. सीमा बिजल्वाण, आचार्य मनोज शर्मा आदि उपस्थित रहे।