सावन के साथ ही जहां त्योहारी सीजन भी शुरू हो गया है वहीं मिलावटखोरों के लिए अच्छे दिन आ गए। क्योंकि उत्तराखंड के इकलौते रुद्रपुर स्थित स्टेट ड्रग्स एंड फूड टेस्टिंग लैब में लोक विश्लेषक का पद खाली हो गया।
सैंपलिंग जांच कैसे होगी, यह बड़ा सवाल
वहीं लंबे समय से कई और पद भी रिक्त पड़े हुए हैं। हाल यह है कि लैब में डेढ़ हजार से भी अधिक सैंपल अभी टेस्टिंग की लाइन में हैं। ऐसे में सैंपलिंग जांच कैसे होगी, एक बड़ा सवाल है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों और दवाइयों की जांच के लिए वर्ष 2009-10 में ढाई करोड़ की लागत से प्रदेश की पहली प्रयोगशाला रुद्रपुर में स्थापित की गई।
आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा में तैनात राजकीय विश्लेषक/वैज्ञानिक अधिकारी जेआर ध्यानी का स्थानांतरण कर लैब इंचार्ज/राजकीय विश्लेषक तथा अलवर जिला दुग्ध सहकारी संघ में तैनात सुधीश कुमार कौशिक को प्रतिनियुक्ति पर लोक विश्लेषक बनाया गया।
साथ ही 30 टेक्नीशियन स्टाफ के पद सृजित किए गए। लेकिन कोई स्थायी नियुक्ति न कर काम चलाने के लिए संविदा पर टेक्नीशियन स्टाफ की भर्ती की गई।
उनमें से भी 19 पद खाली है। वहीं कौशिक की प्रतिनियुक्ति खत्म होने के बाद अब लोक विश्लेषक का पद भी अब खाली हो गया।
मार्च के सैंपलों की रिपोर्ट जुलाई में आई
रुद्रपुर स्थित स्टेट ड्रग्स एंड फूड टेस्टिंग लैब में फूड एनालिस्ट (लोक विश्लेषक)का पद खाली होने का असर देहरादून में भी पड़ेगा।
अकेले दून से इस लैब में 100 से ज्यादा नमूने पेंडिंग पड़े हुए हैं। आलम यह है कि होली पर मार्च में भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट तीन माह बाद जुलाई में आई है, जबकि इसके लिए मियाद 14 दिन रखी गई है।
खाने की सामग्री मिलावटी थी या नहीं, कितनी सुरक्षित थी यह अब पता चला है। सवाल यह भी कि 20 दिन-महीने भर के भीतर पड़ने वाले त्योहारों पर घेवर, मिठाई खाने वाले लोग मिलावट से कैसे सुरक्षित रहेंगे?
पूरे प्रदेश के लिए एक ही लैब
ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में स्थित स्टेट ड्रग्स एंड फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी ही पूरे प्रदेश का सहारा है। हर जिले से फूड सैंपल यहां जांचने के लिए भेजे जाते हैं।
स्टाफ की कमी से यहां पहले ही लंबी वेटिंग चलती है, ऐसे में फूड एनालिस्ट के चले जाने से स्थिति और खराब हो सकती है।
लैब में सृजित 30 पदों की स्थिति
पद (संख्या) - खाली
लोक विश्लेषक (1) - 1
वरिष्ठ विशेषज्ञ (7) - 7
माइक्रोलाजिस्ट (1) - 1
वैज्ञानिक अधिकारी (2) - 2
वैज्ञानिक सहायक (3) - 3
कनिष्ठ विश्लेषक (12) - 5
प्रयोगशाला सहायक (5) - 1
प्रतिनियुक्ति समाप्त होने की वजह से पद रिक्त हुआ है, लेकिन उससे प्रयोगशाला का कामकाज प्रभावित होने जैसी स्थिति नहीं है। प्रतिनियुक्ति पर नए सिरे से नियुक्ति के लिए जल्द विज्ञापन जारी किया जा रहा।
- ओम प्रकाश, मुख्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त